प्राचीन उत्तरी भारत में त्रिकोणीय संघर्ष पर लेख Article on Triangular Conflict in Ancient Northern India

प्राचीन उत्तरी भारत में त्रिकोणीय संघर्ष पर लेख Article on Triangular Conflict in Ancient Northern India

प्राचीन उत्तरी भारत में त्रिकोणीय संघर्ष पर लेख Article on Triangular Conflict in Ancient Northern India शुरुआत से अंत तक जरूर पढ़ें। 1. प्रस्तावना प्राचीन भारत के इतिहास में त्रिकोणीय संघर्ष (Tripartite Struggle) वह ऐतिहासिक घटना है, जिसमें पाल, प्रतिहार और राष्ट्रकूट—इन तीन शक्तिशाली राजवंशों के बीच उत्तरी भारत, विशेषकर कन्नौज (कान्यकुब्ज) पर नियंत्रण प्राप्त … Read more

राजा भोज की सांस्कृतिक उपलब्धियों के विषय में वर्णन Description about the cultural achievements of Raja Bhoj

राजा भोज की सांस्कृतिक उपलब्धियों के विषय में वर्णन Description about the cultural achievements of Raja Bhoj

राजा भोज की सांस्कृतिक उपलब्धियों के विषय में वर्णन Description about the cultural achievements of Raja Bhoj शुरुआत से अंत तक जरूर पढ़ें। 1. प्रस्तावना: राजा भोज का ऐतिहासिक परिचय मालवा के परमार वंश के महान राजा भोज (1010–1055 ई.) भारतीय इतिहास में साहित्य, कला, विज्ञान और स्थापत्य के संरक्षक के रूप में अमर हैं। … Read more

गुप्त युग को क्यों स्वर्ण युग कहा जाता है? Why is the Gupta Age called the Golden Age?

गुप्त युग को क्यों स्वर्ण युग कहा जाता है? Why is the Gupta Age called the Golden Age?

गुप्त युग को क्यों स्वर्ण युग कहा जाता है? Why is the Gupta Age called the Golden Age? शुरुआत से अंत तक जरूर पढ़ें। 1. प्रस्तावना: गुप्त युग का ऐतिहासिक महत्व भारतीय इतिहास में गुप्त वंश (लगभग 320 ई.–550 ई.) का काल एक ऐसी अवधि मानी जाती है जब राजनीति, अर्थव्यवस्था, साहित्य, कला, विज्ञान और … Read more

अशोक के धम्म का वर्णन Description of Ashoka’s Dhamma

अशोक के धम्म का वर्णन Description of Ashoka's Dhamma

अशोक के धम्म का वर्णन Description of Ashoka’s Dhamma शुरुआत से अंत तक जरूर पढ़ें। 1. प्रस्तावना: मौर्य सम्राट अशोक और धम्म मौर्य वंश के महान सम्राट अशोक (273–232 ई.पू.) भारतीय इतिहास में उस शासक के रूप में प्रसिद्ध हैं, जिन्होंने राजनीति को नैतिकता, धर्म और मानवीय मूल्यों से जोड़ने का अभूतपूर्व प्रयास किया। कलिंग … Read more

वैदिक कालीन भारतीय राजनीतिक स्थिति पर प्रकाश Light on Indian political situation during Vedic period

वैदिक कालीन भारतीय राजनीतिक स्थिति पर प्रकाश Light on Indian political situation during Vedic period

वैदिक कालीन भारतीय राजनीतिक स्थिति पर प्रकाश Light on Indian political situation during Vedic period शुरुआत से अंत तक जरूर पढ़ें। 1. प्रस्तावना: वैदिक काल का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य भारतीय इतिहास का वैदिक काल लगभग 1500 ई.पू. से 600 ई.पू. तक माना जाता है। यह काल भारतीय संस्कृति, धर्म, समाज और राजनीति की नींव रखने वाला … Read more

हर्ष के साम्राज्य‑विस्तार पर प्रकाश Light on the expansion of Harsha’s empire

हर्ष के साम्राज्य‑विस्तार पर प्रकाश Light on the expansion of Harsha's empire

हर्ष के साम्राज्य‑विस्तार पर प्रकाश Light on the expansion of Harsha’s empire शुरुआत से अंत तक जरूर पढ़ें। 1. प्रस्तावना: “उत्तर भारत का सम्राट” बनने की यात्रा हर्षवर्धन (≈ 606–647 ई.) गुप्तोत्तर युग के उस शासक का नाम है जिसने लगभग समूचे उत्तर भारत को पुनः एक राजनीतिक इकाई के रूप में जोड़ा। उनके शासनकाल … Read more

आर्यभट्ट कौन था? Who was Aryabhatta?

आर्यभट्ट कौन था? Who was Aryabhatta?

आर्यभट्ट कौन था? Who was Aryabhatta? शुरुआत से अंत तक जरूर पढ़ें। 1. प्रस्तावना आर्यभट्ट (लगभग 476 ई.) प्राचीन भारत के सबसे महत्त्वपूर्ण गणितज्ञ और खगोलशास्त्रियों में से एक थे। उन्होंने कम उम्र में ही ऐसी पुस्तकें लिखीं जिनका प्रभाव न केवल भारत, बल्कि इस्लामी दुनिया और फिर यूरोप तक पहुँचा। उनकी प्रमुख कृति ‘आर्यभटीय’ … Read more

पोरस कौन था? Who was Porus?

पोरस कौन था? Who was Porus?

पोरस कौन था? Who was Porus? शुरुवात से अंत तक जरूर पढ़ें। प्रस्तावना भारत का इतिहास अनेक महान योद्धाओं, शूरवीरों और राजाओं की वीरगाथाओं से भरा पड़ा है। ऐसे ही एक अद्वितीय योद्धा और राजा थे पोरस। पोरस प्राचीन भारत के उन महान राजाओं में से एक थे, जिन्होंने विदेशी आक्रमणकारियों के विरुद्ध अपने साहस, … Read more

चार आर्य सत्य क्या हैं? What are the four noble truths?

चार आर्य सत्य क्या हैं? What are the four noble truths?

चार आर्य सत्य क्या हैं? What are the four noble truths? शुरुवात से अंत तक जरूर पढ़ें। 🔶 प्रस्तावना बौद्ध धर्म भारतीय चिंतन परंपरा की एक प्रमुख शाखा है, जिसकी स्थापना महात्मा बुद्ध ने की थी। उन्होंने मनुष्य के दुखों को समझने, पहचानने और उन्हें समाप्त करने का मार्ग बताया। बुद्ध ने जीवन की वास्तविकता … Read more

वर्ण व्यवस्था से आप क्या समझते हैं? What do you understand by caste system?

वर्ण व्यवस्था से आप क्या समझते हैं? What do you understand by caste system?

वर्ण व्यवस्था से आप क्या समझते हैं? What do you understand by caste system? शुरुवात से अंत तक जरूर पढ़ें। प्रस्तावना भारतीय समाज का इतिहास अत्यंत प्राचीन और समृद्ध है। इसकी सामाजिक संरचना में ‘वर्ण व्यवस्था’ का विशेष स्थान रहा है। वर्ण व्यवस्था एक सामाजिक विभाजन प्रणाली थी, जो मूलतः कार्य-आधारित थी। इसका उद्देश्य समाज … Read more